जो छुपे हों भाव अंतर्मन में, जो सीख मिली प्रेरणा रूप में जो छुपे हों भाव अंतर्मन में, जो सीख मिली प्रेरणा रूप में
जीने का अर्थ समझने लगे। जीने का अर्थ समझने लगे।
जो अर्थ जानते हैं समझने की, जो अर्थ जानते हैं क्षमा का, जो अर्थ जानते हैं समझने की, जो अर्थ जानते हैं क्षमा का,
मेरे लिए कविता भाषा कि भव्यता के बिना क्या है मेरे लिए कविता भाषा कि भव्यता के बिना...
जीवन जीने सबके,अपने अलग अंदाज है, कोई खुल के जिए,तो कोई रखता राज है, जीवन जीने सबके,अपने अलग अंदाज है, कोई खुल के जिए,तो कोई रखता राज है,
और भावनाएँ जैसे पथरा गई हो। और भावनाएँ जैसे पथरा गई हो।